एम्स के डायटेटिक्स विभाग ने पोषण माह के अवसर पर बताया कि एक व्यक्ति को प्रतिदिन 20 मिलीलीटर से अधिक वसा का सेवन नहीं करना चाहिए।
दिल्ली के एम्स ट्रॉमा सेंटर में ‘सही पोषण-देश रोशन’ अभियान के तहत लोगों को बताया जा रहा है कि शरीर के लिए वसा जरूरी है, लेकिन इसकी मात्रा सीमित होनी चाहिए।
डॉ. आशीष बिंद्रा के अनुसार, असंतृप्त वसा (Unsaturated Fats) जैसे जैतून तेल, सरसों तेल, सूरजमुखी तेल और मछली का तेल हृदय के लिए फायदेमंद हैं, जबकि ट्रांस फैट और संतृप्त वसा (Saturated Fats) जैसे मक्खन, घी और बेकरी आइटम नुकसान पहुंचा सकते हैं।
वरिष्ठ डायटीशियन डॉ. वसुंधरा का कहना है कि किसी एक तेल का बार-बार प्रयोग न करें। हर बार तेल बदलने से शरीर को अलग-अलग पोषक तत्व मिलते हैं और यह स्वास्थ्य के लिए अच्छा है।





